पैमाना क्या हैं?

जब किसी बस्तु या जगह की पैमाईस किसी निश्चित मापदंड के सहारे किया जाता हैं,जो आसानी से समझा जा सके,पैमाना कहलाता हैं।यहा पैमाना से अभिप्राय जमिन के नाप से संबंधीत आधार से है।इसी आधार से नक्शा से जमिन की पैमाईस की जाती है।यह तीन प्रकार का होता है।
(क) 16"=1 मील
(ख) 32"=1 मील
(ग) 64"= 1 मील
पैमाना नक्शा पर ,नक्शा के बाई ओर लिखा जाता हैं।क्लिक करें इस लिंक को और पायें ज्यादा इन्फॉर्मेशन 👉https://youtu.be/FzPnLAu6AgQ
(क) 16"= 1 मील :-इस पैमाने के आधार पर उस जगह का नक्शा बनाया जाता है,जहां की आबादी कम हो,इसमे नक्शा जमिन की पैमाईस के अनुरुप ही बनाया जाता हैं या नक्शा से पैमाईस जमिन पर नक्शा के अनुरुप ही किया जाता हैं।
जैसे-यदि किसी प्लॉट की लम्बाई जमीन पर 80कड़ी तथा चौड़ाई 50 कड़ी हो तो नक्शा पर भी उसी लम्बाई और चौड़ाई का बनायेंगे।तथा नक्शा से पैमाईस भी नक्शा के बताये हुए निर्देश पर ही करेंगे।अर्थात इस पैमाने मे यदि जमीन 1डिसमिल का है तो नक्शा पर भी उसे 1डिसमिल ही दर्शाया जायेगा।
(ख) 32"= 1मिल:-इस पैमाने के आधार पर नक्शा उं क्षेत्र में बनाया जाता हैं,जाहा की आबादी घनी हो,इसमें नक्शा जमीन से दोगुना बनाया जाता हैं तथा पैमाईस नक्शे के आधे भाग से किया जाता हैं। अर्थात जमीन यदि 2 डिसमिल का हैं तो उसे नक्शा पर 4 डिसमिल का बनाया जायेगा।या इसे ईस्टरह भी देखा जा सकता हैं।अगर जिस खेत की लम्बाई 80 कड़ी है तथा चौड़ाई 50 कड़ी है तो नक्शा पर इसकी लम्बाई 160 कड़ी तथा चौड़ाई 100 कड़ी के बराबर होता है।लेकिन जब नक्शा पर 160 कड़ी की लम्बाई माप्ते है तो उसका जमीन पर आधा अर्थात 80 कड़ी ही चलेगा।यह नक्शा पैमाईस की सुबिधा को ध्यान मे रखकर बनाया जाता हैं।क्योकी जब किसी जमिन के हिस्सेदार बढते हैं ,तो जमीन का आकार छोटा हो जाता है तथा नक्शा भी छोटा बनाना पड्ता है,जो पैमाईस के दृष्टीकोन से असुबिधाजनक होता है।इसलिये इसे सुबिधा जनक बनाने के लिये ही इस पैमाना का प्रयोग किया जाया है।
(ग) 64"=1मिल:- इस पैमाने के आधार पर नक्शा उन क्षेत्र मे बनाया जाता है ,जहा की आबादी अत्यधिक घनी होती है।इसमे नक्शा जमिन से चार गुना बनाया जाता हैं तथा पैमाईस नक्शा के एक चौथाई भाग से किया जाता है।इस पैमाने का प्रयोग उन जगहो पर किया जाता हैं,जहां की आबादी अत्यधिक घनी होती है।इसके कारण वहां एक जमीन के कई हिस्सेदार होते है जिसके पेइनां स्वरुप जमीन का आकार काफी छोटा होता जाता है तथा नक्शे से पैमाईस करने पर कठिनाई होती है।अतह इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए जमिन के आकार को इस पैमाने के आधार पर बढा दी जाती है।जैसे यदि किसी जमीन की लम्बाई 80 कड़ी हो तो नक्शा पर 320 कड़ी का बनाई जाती है।जबकी उस खेत की चौड़ाई जमीन पर 50 कड़ी है तौसे नक्शा पर 200 कड़ी का बनायेंगे तथा नक्शा से पैमाईस उसके चौथाई भाग से करेंगे।इस तरह जब जिस खेत की जमिन की लम्बाई नक्शा पर 320 कड़ी बनाया जाता है तो उसे जमीन पर 80 कड़ी ही चलेंगे तथा जिस खेत का क्षेत्रफल जमिन पर 1 डिसमिल होता है । इस पैमाने के आधार पर जब खेत का नक्शा बनाया जाता है तो वह इसका चारगुना अर्थात 4 डिसमिल के बराबर होता है।

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